Thursday, February 19, 2009

बचपन की यादें

भूलके भी भूल नही सकते हैं वोह यादें
वोह बचपना और वोह मासूम सी बातें
दिल चाहता है लौटकर जाने को उन दिनों में
शायद अब यह मुमकिन हैं सिर्फ़ गहरी नींद के सपनो में

--------------रमेशा एस एन् ------------