Wednesday, May 5, 2010

बिन तेरे

बिन तेरे न हो कोई सवेरा
बिन तेरे यादोंके न हो अपना बसेरा !
वोह दिन आये अगर जिसमे न हो आवाज़ तेरे कंगन के
यह दिल थम जाए वोही पे बिना कोई धड़कन के !!