Tuesday, August 10, 2010

बंदिश

तुम्हारी दिल में पनाह मिलजाए
इस्से ज्यादा कोई ख्वाहिश नहीं !
गूंजती रहे तुम्हारी मीठे बोल अपनी कानो में
इस्से बढ़कर कोई बंदिश नहीं !!